नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डीएनए परीक्षण से यह पुष्टि हो गई है कि डॉ. उमर नबी ही उस कार को चला रहा था, जिसमें इस सप्ताह की शुरुआत में विस्फोट हुआ था।
पुलिस ने बताया कि उमर नबी की मां से मंगलवार को डीएनए नमूने लिए गए थे और इन्हें विस्फोट स्थल से एकत्र अवशेषों के साथ मिलान के लिए भेजा गया था। जांच में नमूनों का मेल हो गया, जिससे यह साबित हो गया कि कार में सवार व्यक्ति वास्तव में उमर नबी ही था।
डीएनए रिपोर्ट ने खोला रहस्य
पुलिस सूत्रों ने कहा,
“डीएनए के नतीजों से साफ है कि विस्फोटक कार चलाने वाला व्यक्ति उमर नबी था।”
उमर नबी को हाल ही में पकड़े गए एक “सफेदपोश” आतंकी मॉड्यूल का अहम सदस्य बताया जा रहा है। यह मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था।
आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कई डॉक्टर गिरफ्तार
जांच एजेंसियों ने कुछ दिन पहले प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े इस आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इस दौरान तीन चिकित्सकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि उमर नबी इस नेटवर्क का मुख्य समन्वयक था।
धमाके के कुछ ही घंटों पहले पुलिस ने इस आतंकी मॉड्यूल से लगभग 3,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की थी, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर शामिल थे।
जांच एजेंसियाँ सतर्क, दिल्ली में हाई अलर्ट
घटना के बाद से ही दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसियां उच्च सतर्कता पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में संभावित सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, उमर नबी पुलवामा के कोइल गांव का निवासी था और मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में आतंकी गतिविधियाँ संचालित करता था।