सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में एनडीए की जीत के संकेत मिलने के महज एक दिन बाद असम में विपक्षी इंडिया गठबंधन ने बुधवार को बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस ने राज्य के सात विपक्षी दलों के साथ एक अहम बैठक कर अगले साल, मई 2026 में संभावित असम विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सत्ता से बेदखल करने की रणनीति बनाई।
बिहार में आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन के कमजोर प्रदर्शन की संभावना के बीच असम की यह बैठक राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश है। एआईसीसी महासचिव और असम प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि, “हिमंत सरकार की अन्याय, भ्रष्टाचार और दमनकारी नीतियों के खिलाफ सभी विपक्षी ताकतें एकजुट हो गई हैं। हम असम में जनता की सरकार लाएंगे।”
दो घंटे की बैठक के बाद सात दलों का संकल्प
कांग्रेस विधायक दल कार्यालय में हुई इस बैठक में करीब दो घंटे चली चर्चा के बाद एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई ने ऐलान किया कि सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बैठक में शामिल दलों ने भाजपा के ‘कुशासन’ से असम की जनता को मुक्ति दिलाने का वादा किया। बैठक में
राइजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई, असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई, सीपीएम के मनोरंजन तालुकदार (विधायक), सीपीआई के
कनक गोगोई, सीपीआई (एमएल) के विवेक दास भी शामिल रहे। अन्य प्रमुख नेताओं में सांसद अजीत कुमार भुयां, विपक्ष के नेता देबब्रत सइकिया एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रकीबुल हुसैन के नाम शामिल हैं।
गोगोई ने कहा, “आगामी चर्चाओं के विवरण जल्द साझा किए जाएंगे। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है – भाजपा को हराना।
बिहार एग्जिट पोल में एनडीए की मजबूत स्थिति देखते हुए कांग्रेस ने असम में ‘राइजोर पदुलित, राइजोर कांग्रेस’ (कांग्रेस जनता के दरवाजे पर) अभियान लॉन्च किया। गोगोई ने बताया, “हमारे नेता चाय बागानों से लेकर पहाड़ी और आदिवासी इलाकों तक जाएंगे, आम घरों में रात बिताएंगे और जनता की असली समस्याएं समझेंगे। चुनावी धांधली रोकने की योजना बनाएंगे। राज्य के 29,000 बूथों में 80-90% बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त होंगे। इस महीने के अंत तक बूथ कमेटियां पूरी हो जाएंगी। सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, लेखकों और अर्थशास्त्रियों से आर्थिक-सांस्कृतिक सुझाव लेंगे।
राजीव भवन में एपीसीसी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में ये फैसले लिये गये।
बैठक में एक भावुक मोड़ तब आया जब गोगोई ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग की पहली जन्मतिथि (18 नवंबर) पर विशेष कार्यक्रम की घोषणा की।