हरिद्वार में कांग्रेस ने किया दलित अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

हरिद्वार। भाजपा सरकारों के कार्यकाल में देश और प्रदेशों में दलितों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर हरिद्वार कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर कांग्रेस के अनुसूचित विभाग के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। नगर मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि अंशुल चौहान ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ समय से अनुसूचित जाति समाज के लोगों पर आपराधिक घटनाओं में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। इससे दलित, शोषित और वंचित समाज में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि नामक युवक की पीट-पीट कर हत्या और नग्न कर देने की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया।

ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट में घटित घटना का भी उल्लेख किया गया, जहां सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंककर हमला किया गया। कांग्रेस ने मांग की कि इस अपराधी वकील का लाइसेंस रद्द किया जाए और देशद्रोह का मुकदमा चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अगर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा नहीं हो सकती, तो पूरे समाज की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदर्शन और ज्ञापन में मुरली मनोहर, मनोज सैनी, पार्षद सुनील कुमार, बालेश्वर सिंह, अमित चंचल, कैलाश प्रधान सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

इस प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र और प्रदेश की सरकारों से दलित समाज और अन्य वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ती नफरत और घृणा के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

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