जब जान पर खेलकर सेना के जवानों ने गहरी खाईं में गिरे 13 लोगों की बचाई जान

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
बैसाखी(अरुणाचल प्रदेश)। अरुणाचल प्रदेश के बैसाखी के पास एक गंभीर सड़क हादसे में, जहां एक बस सुबह के शुरुआती घंटों में खाई में गिर गई, भारतीय सेना के गजराज कोर के जवानों ने अदम्य साहस और पेशेवराना अंदाज में त्वरित कार्रवाई की। ‘सेवा से पहले स्वयं’ की सर्वोच्च परंपरा का पालन करते हुए, सैनिकों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। उनकी त्वरित और समन्वित कार्रवाई से 13 नागरिकों की जान बचाई गई, जिन्हें हादसे के स्थान से सुरक्षित निकाला गया।
सैनिकों ने रस्सियों, मेडिकल किट्स और अन्य आपातकालीन उपकरणों के साथ खाई में उतरकर घायलों तक पहुंच बनाई। कई यात्री बस के मलबे में फंसे हुए थे, और कुछ गंभीर रूप से घायल थे। जवानों ने न केवल उन्हें सुरक्षित निकाला, बल्कि प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर उनकी स्थिति को स्थिर किया।
कुछ स्थानीय निवासियों ने बताया कि सेना की त्वरित कार्रवाई ने कई जिंदगियां बचाईं, जो शायद समय पर सहायता न मिलने पर खतरे में पड़ सकती थीं। स्थानीय निवासियों ने गजराज कोर के जवानों की इस मानवीय कार्रवाई की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि “सेना के जवान हमारे लिए भगवान की तरह आए। उनके बिना हमारे लोग शायद आज हमारे बीच नहीं होते।”
डिफेंस पीआरओ के अनुसार सेना के जवानों ने मौके पर ही महत्वपूर्ण चिकित्सा सहायता प्रदान की, जिससे घायलों को समय पर उपचार और स्थिरीकरण मिल सका।यह सफल बचाव अभियान भारतीय सेना की उस अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो न केवल युद्ध के समय बल्कि अपने नागरिकों के सामने आने वाली आपात स्थितियों में भी उनकी जान बचाने के लिए तत्पर रहती है।गजराज कोर की व्यावसायिकता, समर्पण और निस्वार्थ सेवा सच्चे नायकों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो हर पल तैयार रहते हैं जब हर सेकंड मायने रखता है।

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