तीन महीने से बंद है सिजेरियन सुविधा, दूरदराज़ से आने वाली महिलाओं को रेफर किया जा रहा बेस अस्पताल
अल्मोड़ा। जिला महिला अस्पताल में जारी निर्माण कार्य गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी मुश्किल का कारण बन गया है। यहां पिछले तीन महीने से सिजेरियन डिलीवरी (C-Section) सुविधा बंद है, जिससे गंभीर मामलों को बेस अस्पताल रेफर किया जा रहा है। हालांकि सामान्य प्रसव सेवाएं अभी भी जारी हैं।
गर्भवतियों को रेफर करना बना जान जोखिम का कारण
निर्माण कार्य के चलते ऑपरेशन थिएटर (OT) पूरी तरह बंद है, जिससे सिजेरियन प्रसव नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में गर्भवती महिलाओं को बेस अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे जहां समय की बर्बादी हो रही है, वहीं महिला और नवजात की जान का खतरा भी बढ़ रहा है।
दूरदराज से आने वाली महिलाओं की मुश्किलें दोगुनी
लमगड़ा, भिकियासैंण, छाना, जैती, धौलादेवी, सेराघाट जैसे दूरदराज़ के इलाकों से महिलाएं इलाज के लिए अल्मोड़ा पहुंचती हैं। लेकिन यहां सिजेरियन सुविधा बंद होने से उन्हें दोहरी यात्रा करनी पड़ रही है – पहले महिला अस्पताल, फिर वहां से बेस अस्पताल।
निजी अस्पतालों की महंगी फीस बन रही मजबूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल की सेवा बाधित होने के कारण कई महिलाओं को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगी फीस चुकानी पड़ रही है। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
बेस अस्पताल पर बढ़ा दबाव
महिला अस्पताल में सिजेरियन सेवा बंद होने से बेस अस्पताल पर बोझ काफी बढ़ गया है। वहां संसाधनों और स्टाफ पर दबाव पड़ रहा है, जिससे सभी को समय पर इलाज देना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चिंता
झिझाड़ के पार्षद अमित साह ने चिंता जताई है कि 50 से 70 किलोमीटर की दूरी तय कर महिलाएं जिला महिला अस्पताल आती हैं, लेकिन उन्हें वापस भेजा जा रहा है। यह व्यवस्था गंभीर परिणाम ला सकती है।
स्वास्थ्य विभाग का जवाब: जल्द शुरू होगी सुविधा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नवीन तिवारी ने बताया कि महिला अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है, जिस कारण सिजेरियन सुविधा अस्थायी रूप से बंद है। उनका कहना है कि “ऑपरेशन थिएटर का काम जल्द पूरा कर इसे दोबारा शुरू किया जाएगा।”