कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि खेती योग्य भूमि का संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य में सुधार आज की महत्वपूर्ण जरूरत है। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पारंपरिक अनुभव के साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ किसानों को जागरूक करने, कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि भूमि की गुणवत्ता बनाए रखना भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य, संसाधनों के बेहतर उपयोग और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। इससे कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
प्रदेशभर में आयोजित होंगे 2,375 कार्यक्रम
गणेश जोशी ने अभियान की व्यापकता की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड के सभी 95 विकासखंडों में इसके तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक विकासखंड में 25 कार्यक्रम कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 2,375 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1.20 लाख किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के जरिए किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी और योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ उन्हें खेती की बेहतर तकनीकों के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिल रहा है। ‘खेत बचाओ अभियान’ के माध्यम से उत्तराखंड में कृषि भूमि के संरक्षण और खेती की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा।
