नई दिल्ली। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कराए जाने का मामला अब एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। घटना के 24 दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर खरगे ने नाराजगी जताई है। उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
खरगे ने पत्र में 13 अगस्त को राज्यसभा में हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी जनसभा के बाद कुछ संगठनों की ओर से कथित तौर पर शुद्धिकरण कराया गया था। उस दौरान नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। राज्यसभा सभापति ने भी घटना पर खेद व्यक्त किया था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सदन में स्पष्ट आश्वासन दिए जाने के बावजूद हल्द्वानी पुलिस-प्रशासन की ओर से अब तक एफआईआर दर्ज नहीं किया जाना निराशाजनक है। उन्होंने नड्डा से उत्तराखंड सरकार को आवश्यक निर्देश जारी कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
खरगे ने आरोप लगाया कि किसी सार्वजनिक स्थल का इस तरह कथित शुद्धिकरण किया जाना संविधान की मूल भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इसे छुआछूत और जातिवादी मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों की भावनाओं से जुड़ा मामला है।
उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के महाड़ आंदोलन का संदर्भ देते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव की ऐसी घटनाएं देश के इतिहास में भी सामने आती रही हैं। खरगे ने नड्डा से अपने सदन के आश्वासन के अनुरूप उत्तराखंड सरकार को स्पष्ट निर्देश देने और मामले में शामिल संगठनों व व्यक्तियों के खिलाफ बिना देरी कार्रवाई कराने की मांग की।