नई दिल्ली। भारत और बेल्जियम ने रक्षा एवं रक्षा औद्योगिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन ने गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के साथ औद्योगिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों और अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए। राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया गंभीर भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे दौर में भारत और बेल्जियम जैसे मित्र देशों के बीच नियमित संवाद और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।
रक्षा मंत्री ने जुलाई में हुए भारत-बेल्जियम रणनीतिक संवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संवाद ने दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संस्थागत आधार तैयार किया है। रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने बेल्जियम और भारतीय रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी बढ़ाने का स्वागत किया।
राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों और रक्षा औद्योगिक सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की। समझौतों का उद्देश्य बेल्जियम की तकनीकी क्षमताओं को भारत के कौशल, प्रतिभा और बड़े औद्योगिक आधार के साथ जोड़ना है।
वहीं, थियो फ्रैंकन ने भारत के साथ रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने भारत को उच्च प्रौद्योगिकी क्षमता वाला देश बताते हुए कहा कि दोनों देश एक-दूसरे से काफी कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच व्यावहारिक सहयोग और मजबूत साझेदारी को समय की जरूरत बताया।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनके साथ थियो फ्रैंकन और उच्चस्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद डी वेवर की यह पहली भारत यात्रा है।