देहरादून। वर्षाकाल में मसूरी रोड पर भूस्खलन और मलबा आने की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मसूरी रोड के संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को मार्ग बाधित होने की स्थिति में बिना देरी किए यातायात बहाल करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पानीवाला बैंड, ग्लोगी समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन, पहाड़ी से मलबा आने और सड़क बाधित होने की संभावनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क, पहाड़ी ढलानों और जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए। इसमें क्षेत्र की भूगर्भीय एवं तकनीकी परिस्थितियों का अध्ययन करते हुए सड़क सुरक्षा, पहाड़ी ढलानों की सुरक्षा, मिट्टी के ठहराव, जल निकासी, रिटेनिंग व प्रोटेक्शन कार्यों समेत जरूरी उपाय शामिल किए जाएं। इसका उद्देश्य भविष्य में वर्षा के दौरान होने वाले नुकसान और सड़क अवरोध की घटनाओं को न्यूनतम करना है।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। वर्षाकाल में मसूरी रोड पर 24 घंटे निगरानी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी स्थान पर भूस्खलन या मलबे के कारण मार्ग बाधित होने पर प्राथमिकता के आधार पर तत्काल रास्ता खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन ने जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और अन्य आवश्यक मशीनरी को जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सड़क किनारे नालियों, पुलिया और भूमिगत जल निकासी की नियमित सफाई पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहने से बारिश के पानी से सड़क और पहाड़ी ढलानों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। साथ ही संभावित भूस्खलन क्षेत्रों और मलबा जमा होने वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।