नई दिल्ली, ओडिशा के पारादीप तट से करीब 240 नॉटिकल मील यानी लगभग 444 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में शनिवार को पनामा झंडे वाला मालवाहक जहाज एमवी ओशन विनर डूब गया। जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे। इनमें 20 चीनी नागरिक, म्यांमार के तीन और बांग्लादेश का एक नागरिक शामिल था। भारतीय तटरक्षक बल ने अब तक दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जहाज पारादीप पोर्ट से करीब 1,700 टन लौह अयस्क लेकर सिंगापुर के लिए रवाना हुआ था। जहाज ने 20 अगस्त की रात पारादीप से यात्रा शुरू की थी। समुद्र में आगे बढ़ने के दौरान अचानक उसका संपर्क टूट गया। इसके बाद भारतीय एजेंसियां सक्रिय हुईं और भारतीय तटरक्षक बल तथा नौसेना ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बचाव अभियान को तेज करने के लिए श्री विजयपुरम, जिसे पहले पोर्ट ब्लेयर के नाम से जाना जाता था, से दो जहाज रवाना किए गए हैं। इसके अलावा समुद्र में आसपास मौजूद अन्य जहाजों को भी सतर्क किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बचाव कार्य में तत्काल मदद कर सकें।
केंद्रीय पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने बताया कि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के डिप्टी कंजरवेटर कैप्टन अलेखा चरण साहू ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की उम्मीद है। फिलहाल जहाज के डूबने के कारणों का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों का पूरा ध्यान लापता क्रू सदस्यों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। घटना की परिस्थितियों और जहाज के डूबने की वजह की जांच बाद में की जाएगी।