काहिरा, मध्य गाजा में रविवार को हुए इजराइली हवाई हमलों में चार साल के एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। ये हमले जवायदा कस्बे और उसके नजदीक स्थित नुसेरात शरणार्थी शिविर में किए गए। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने दोनों घटनाओं में हताहतों की पुष्टि की है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जवायदा में एक इमारत को निशाना बनाया गया। बताया गया कि हमले से पहले इजराइली सेना की ओर से इलाके में मौजूद लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद हुए हवाई हमले में इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। आसपास का इलाका भी मलबे और विस्फोट से निकले छर्रों से प्रभावित हुआ, जिससे कई लोग घायल हो गए।
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, हमले में चार वर्षीय मोहम्मद अब्देल-सलाम ताहा भी घायल हुआ था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने इलाके में मौजूद लोगों को झकझोर दिया।
इसके अलावा नजदीकी नुसेरात शरणार्थी शिविर में भी एक हवाई हमला हुआ। स्वास्थ्य अधिकारियों ने दोनों हमलों में कुल दो लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। घायलों का स्थानीय अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
हमलों के बाद इलाके में शरण लिए विस्थापित लोगों में भय का माहौल है। एक विस्थापित फिलिस्तीनी ने लगातार जारी हिंसा पर चिंता जताते हुए शांति और स्थायी समाधान की अपील की। उसका कहना था कि आम नागरिक लंबे समय से संघर्ष और हिंसा की कीमत चुका रहे हैं।
उधर, इजराइली सेना ने इन दोनों घटनाओं को लेकर कहा है कि वह हवाई हमलों से जुड़ी जानकारी और परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल हमले के लक्ष्यों और कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
गाजा में जारी संघर्ष के बीच नागरिक इलाकों में होने वाली हिंसक घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। ताजा हमलों ने एक बार फिर आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।