गुमला में जेजेएमपी नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा वार, 146 जिंदा कारतूस जब्त

गुमला। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के खिलाफ गुमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने संगठन के सबजोनल सदस्य और पांच लाख रुपये के इनामी रामदेव लोहरा उर्फ काका समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामदेव लोहरा, अरविंद नायक, मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, संचार उपकरण और अन्य सामान बरामद किया है।

मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जेजेएमपी से जुड़े कुछ उग्रवादी लातेहार से गुमला पहुंचे हैं। वे जिले में संगठन की गतिविधियों को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और इसके बाद डुमरी थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, रामदेव लोहरा जेजेएमपी में सबजोनल स्तर पर सक्रिय था और उसके खिलाफ पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। अन्य गिरफ्तार आरोपियों की भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, स्थानीय संपर्कों और अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने एके-56 राइफल और दो मैगजीन, एक एसएलआर राइफल व मैगजीन, एक सेमी-ऑटोमेटिक राइफल, 7.65 एमएम की पिस्टल और एक देसी कट्टा बरामद किया। इसके अलावा विभिन्न हथियारों के 146 जिंदा कारतूस, एक वॉकी-टॉकी, नौ मोबाइल फोन, दो वाई-फाई डोंगल, प्रतिबंधित जेजेएमपी/नक्सली पर्चे और एक बाइक भी जब्त की गई।

पुलिस का कहना है कि जेजेएमपी सुप्रीमो रामदेव उरांव की गिरफ्तारी के बाद संगठन के कुछ सदस्य गुमला में अपना नेटवर्क फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। चार आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी से संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब इनके अन्य सहयोगियों और जिले में संगठन के नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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