प्रयागराज, पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी-कानपुर हाईवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल में बंद उनके भाई मोहम्मद उमर और अली अहमद पैरोल पर प्रयागराज पहुंचे थे। अंतिम रस्में पूरी करने के बाद दोनों परिवार से मुलाकात कर वापस जेल लौट गए।
अबान के सुपुर्द-ए-खाक में बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज पहुंचे थे। इसी दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली भी जनाजे में शामिल हुए। शौकत अली की मुलाकात अतीक के दोनों बेटों उमर और अली से भी हुई। बताया गया कि भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस सुरक्षा घेरे में दोनों को पास की एक मस्जिद में ले जाया गया, जहां शौकत अली से उनकी बातचीत हुई।
शौकत अली के मुताबिक, उमर ने उन्हें देखते ही पहचान लिया। उन्होंने बताया कि उमर को उन्होंने ही एआईएमआईएम में शामिल कराया था। मुलाकात के दौरान उमर और अली ने सलाम किया और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के लिए संदेश देते हुए कहा कि उनसे हमारा सलाम कहिएगा।
शौकत अली ने यह दावा बहराइच के मटेरा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए किया। वह मटेरा विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में हैं। जनसभा के दौरान उन्होंने अबान के अंतिम संस्कार में अपनी मौजूदगी का जिक्र करते हुए राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा।
शौकत अली ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अतीक अहमद के नाम का इस्तेमाल कर राजनीति में आगे बढ़े और उन्हें अपना करीबी बताते रहे, लेकिन अबान के जनाजे में शामिल नहीं हुए। शौकत अली ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता पर सवाल खड़े किए।
अतीक अहमद के परिवार से जुड़े इस घटनाक्रम और शौकत अली के बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।