उत्तरकाशी। हरेला महोत्सव के अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पुरोला विकासखंड के धिवरा गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ वृक्षारोपण किया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं, विकास की जरूरतों और पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मांगें जिलाधिकारी के सामने रखीं।
जिलाधिकारी ने ब्लॉक प्रमुख और ग्रामीणों के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हरेला केवल पौधरोपण का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास को लेकर एक प्रस्ताव भी जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें अकरू का डांडा क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विकास की मांग प्रमुख रही। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की जरूरत है।
इसके अलावा सुनाली से धिवरा तक करीब 1.5 किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों ने सुनाली-उपरा-धिवरा से लेगड़ा थात तक सड़क निर्माण की आवश्यकता बताते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने वृद्ध महिला बिशनी देवी की वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी समस्या भी जिलाधिकारी के सामने रखी। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी पुरोला मुकेश चंद रमोला को निर्देश दिए कि महिला की पेंशन संबंधी समस्या का 15 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह, राकेश रतूड़ी, उपजिलाधिकारी पुरोला मुकेश चंद रमोला, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जिलाधिकारी के दौरे से ग्रामीणों में स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है।