मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सख्त हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिलाधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में दूसरे चरण के तहत मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस, उनकी सुनवाई और अभियान की प्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों से प्रत्येक जनपद की कार्ययोजना की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, उन्हें समय पर नोटिस उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित मतदाताओं को सुनवाई के लिए पर्याप्त समय मिले, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों का नियमित फील्ड निरीक्षण करें और पुनरीक्षण अभियान की लगातार निगरानी करें।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) की सहायता के लिए दस्तावेजों के सत्यापन हेतु शिक्षा, राजस्व, तहसील तथा अन्य संबंधित विभागों से नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। इससे दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के सभी जनपदों में शत-प्रतिशत नोटिसों की प्रिंटिंग पूरी कर उन्हें ईआरओ और बीएलओ स्तर तक पहुंचा दिया गया है। इसके साथ ही नोटिसों की सुनवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को पूरी निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित फील्ड विजिट, प्रभावी मॉनिटरिंग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही अभियान सफल बनाया जा सकता है।

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