हरिद्वार। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही लाखों श्रद्धालु हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचे और मां गंगा में पवित्र स्नान कर सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। पूरे दिन हरिद्वार भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु शहर के विभिन्न आश्रमों, मठों और अखाड़ों में पहुंचे, जहां उन्होंने अपने-अपने गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संत-महात्माओं ने अपने शिष्यों को सत्य, सेवा, संस्कार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कई धार्मिक संस्थानों में गुरु पूजन, भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हरकी पैड़ी, प्रमुख घाटों और मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था की थी। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।
सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। इसी कारण हरिद्वार में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने गुरुओं के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे।
इस बीच गुरु पूर्णिमा स्नान के साथ ही सावन कांवड़ मेले की भी औपचारिक शुरुआत हो गई है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों से कांवड़ियों का हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया है। श्रद्धालु यहां से गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। 11 अगस्त तक चलने वाले कांवड़ मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और सफाई के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कांवड़ मेले में शामिल हो सकते हैं। गुरु पूर्णिमा के बाद अब हरिद्वार में कांवड़ यात्रा का उत्साह लगातार बढ़ने की उम्मीद है।