छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कोयला खदान से जुड़े भूमि अधिग्रहण विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रतापपुर क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर गांव में पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिसमें डीएसपी, एक महिला पुलिसकर्मी समेत 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, टीम पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी। इसी दौरान लंबे समय से एसईसीएल की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव और हमला कर दिया, जबकि कई पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त बल बुलाया। आसपास के पांच जिलों से पुलिस जवानों को मौके पर भेजा गया और हालात को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ कोई राजस्व या सर्वे टीम मौजूद नहीं थी, बल्कि केवल गिरफ्तारी के उद्देश्य से पुलिस बल गांव पहुंचा था।
घटना के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पूरे क्षेत्र में करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है और हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। उनका आरोप है कि पुलिस ने गांव के सरपंच के बेटे को गिरफ्तार किया है, जिसकी रिहाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों के साथ सड़क पर डटे हुए हैं, जबकि प्रशासन लगातार वार्ता के जरिए स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।