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मानसून से निपटने की बड़ी तैयारी, संवेदनशील इलाकों में तैनात की गईं 66 जेसीबी

उत्तराखण्ड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने बुधवार को देहरादून स्थित कोषागार सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जल संस्थान, ऊर्जा निगम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, नगर निगम, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, वन विभाग और ग्रामीण विकास सहित कई विभागों के अधिकारियों ने मानसून से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां निगरानी बढ़ा दी गई है तथा आवश्यक मशीनरी, मानव संसाधन और राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान अधिकारी 24×7 अलर्ट मोड में रहें और अपने मोबाइल फोन हर समय चालू रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि मानसून का समय राज्य के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है, इसलिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि संभावित भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में 66 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने, नदी चैनलाइजेशन, पुलों की सुरक्षा और जल निकासी से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

बैठक में जिला प्रशासन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मानसून प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना साझा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करें। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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