उत्तरकाशी/टिहरी। टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र के चर्चित केतन हत्याकांड में अब नया कानूनी मोड़ आ गया है। मृतक केतन लाल की मौत के एक महीने से अधिक समय बाद लंबगांव थाना पुलिस ने युवती की मां की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत दिवाकर डिमरी और मृतक केतन लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है और सोशल मीडिया पर भी नई बहस शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, देवल गांव निवासी नाबालिग केतन लाल की 8 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप था कि 7 जून की रात वह अपने साथी दिवाकर डिमरी के साथ एक गांव में गया था, जहां घर में घुसने के आरोप में युवती के परिजनों ने दोनों की कथित रूप से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल केतन को परिजन लंबगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मृत्यु से पहले केतन का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने कथित रूप से अपने साथ हुई मारपीट का जिक्र किया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने युवती के पिता यशवीर सिंह पंवार सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस बीच अनुसूचित जाति से जुड़े केतन की मौत को लेकर कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने परिवार से मुलाकात की। विपक्ष के नेता यशपाल आर्य, मंत्री खजानदास, पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सदस्य स्वराज विद्वान और भीम आर्मी प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पीड़ित परिवार से मिले। इसके बाद मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले।
दूसरी ओर, युवती पक्ष का आरोप था कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की और उनका पक्ष नहीं सुना। इसके बाद युवती की मां ने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के निर्देश के बाद लंबगांव पुलिस ने युवती की मां की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
थानाध्यक्ष लंबगांव ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 7 जून की रात केतन और दिवाकर डिमरी घर में घुसे और नाबालिग युवती के साथ जबरदस्ती की। पुलिस के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट में भी युवती के साथ दुष्कर्म के आरोपों से संबंधित साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक हेमलता को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।