बीकेटीसी विवाद में नया मोड़, हेमंत द्विवेदी ने गणेश गोदियाल पर लगाए गंभीर आरोप

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में दानराशि चोरी प्रकरण को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले में आरोप लगाने से पहले गोदियाल को अपने कार्यकाल के दौरान सामने आई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का भी जवाब देना चाहिए।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि गणेश गोदियाल वर्ष 2014 से 2017 तक बीकेटीसी के अध्यक्ष रहे और उस दौरान कई वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक विसंगतियों तथा मंदिर अधिनियम, 1939 के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों की जांच गढ़वाल आयुक्त स्तर पर भी की गई थी।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि दानराशि चोरी के मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं हैं, बल्कि मंदिर समिति के नियमित कर्मचारी और वैयक्तिक सहायक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमोद नौटियाल को गणेश गोदियाल के कार्यकाल में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर स्थायी नियुक्ति दी गई और बाद में नियमों के विपरीत वैयक्तिक सहायक के पद पर समायोजित कर ग्रेड पे का लाभ भी प्रदान किया गया।

हेमंत द्विवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन कार्यकाल में बिना निर्धारित प्रक्रिया के अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्तियां की गईं। कई मामलों में न तो रिक्त पद थे और न ही विज्ञापन या चयन प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके अलावा बीकेटीसी के अधीन नहीं आने वाले मंदिरों और अन्य परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने, निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने तथा आपदा राहत कोष की राशि के उपयोग में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में प्राप्त शिकायतों के आधार पर शासन ने जांच के आदेश दिए थे और गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति ने मामले की जांच की। द्विवेदी ने कहा कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सत्य सामने आए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

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