उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए निर्माणाधीन योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून स्थित शासकीय आवास पर समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को कण्डारस्यूं, भीड़ा-हस्यूंडी और विडोली ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजनाओं को एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पहाड़ी क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करना होगा।
डॉ. रावत ने बताया कि विडोली ग्राम समूह पेयजल योजना, कण्डारस्यूं योजना, भीड़ा-हस्यूंडी योजना और एनआईटी पेयजल पम्पिंग योजना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य जल्द पूरे कर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।
बैठक में श्रीनगर नगर क्षेत्र की पेयजल समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्य शुरू करने को कहा। इसके अलावा ढिकाल गांव पेयजल योजना और थलीसैण नगर पंचायत के अंतर्गत निर्माणाधीन योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि अधिकांश परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और दो बड़ी योजनाओं को अगले एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ढिकाल गांव पम्पिंग योजना में तकनीकी दिक्कतें आने के कारण कुछ गांवों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन जल्द ही लगभग 30 गांवों तक नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बैठक में पेयजल निगम और जल संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी।