मक्का। Saudi Arabia में हज यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दुनिया भर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालुओं के आगमन से पहले सऊदी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को पवित्र शहर Mecca में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भव्य मिलिट्री परेड और फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य हज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण करना था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हज यात्रा के दौरान इस वर्ष 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक जमावड़ा माना जाता है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सऊदी सरकार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि हज यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, मेडिकल इमरजेंसी और आपदा प्रतिक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। सुरक्षा एजेंसियों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
हज इस्लाम धर्म के पांच प्रमुख स्तंभों में से एक माना जाता है। हर सक्षम मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार हज करना धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि हर साल दुनिया के अलग-अलग देशों से लाखों श्रद्धालु मक्का पहुंचते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार हज यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम है। तीर्थयात्रियों के ठहरने, परिवहन, वीजा शुल्क, खानपान और खरीदारी से देश को भारी राजस्व प्राप्त होता है। इसी कारण सरकार हज प्रबंधन को और अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनाने पर लगातार काम कर रही है।
सऊदी प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक, निगरानी प्रणाली और प्रशिक्षित सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि हज यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।