एम्स ऋषिकेश में राज्यपाल का बड़ा संदेश, अंगदान को बताया मानवता का सर्वोच्च दान

ऋषिकेश। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने एम्स ऋषिकेश में आयोजित “उन्नत ट्रॉमा देखभाल, अंगदान और नर्सिंग उत्कृष्टता” विषयक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए नर्सिंग सेवा, ट्रॉमा प्रबंधन और अंगदान को मानवता की सेवा का सर्वोच्च स्वरूप बताया। इस दौरान उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया तथा अंगदान करने वाले दानदाताओं और उनके परिजनों को भी सम्मान प्रदान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ट्रॉमा केयर, अंगदान और नर्सिंग केवल चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि यह मानव जीवन की रक्षा से जुड़े सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग सेवा करुणा, समर्पण और मातृत्व का जीवंत उदाहरण है। गंभीर स्थिति में मरीज के लिए नर्स केवल स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि विश्वास और सहारे का प्रतीक बन जाती है।

राज्यपाल ने कहा कि समाज में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका योगदान मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने नर्सिंग पेशे के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका सबसे अहम होती है।

ट्रॉमा प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने “गोल्डन ऑवर” की अहमियत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा मरीज के जीवन को बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से मृत्यु दर में काफी कमी लाई जा सकती है। खासकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और दुर्गम राज्य में प्रभावी ट्रॉमा केयर सिस्टम बेहद जरूरी है।

अंगदान के महत्व पर राज्यपाल ने कहा कि यह मानवता का सबसे बड़ा दान है, जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है। उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने और समाज में इसके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया।

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