After Header-1

दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हुई हवा, कई इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI

नई दिल्ली। दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा दमघोंटू हो गई है। राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, इंडिया गेट के आसपास एक्यूआई 399 दर्ज किया गया। वहीं, नौरोजी नगर में यह आंकड़ा 416 तक पहुंच गया। बढ़ते प्रदूषण के बीच लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। एम्स के आसपास हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। आनंद विहार में एक्यूआई 296 और अक्षरधाम मंदिर के आसपास 293 रहा। इस बीच त्योहार से पहले ही पटाखे चलने शुरू होने से प्रदूषण बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। बुधवार को नोएडा क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में रहा। ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 309 दर्ज किया गया। वहीं, एक्यूआई डॉट इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को गाजियाबाद में एक्यूआई 692, फरीदाबाद में 667 और गुरुग्राम में 512 दर्ज किया गया। हालांकि, ये आंकड़े अलग-अलग निगरानी स्रोतों के हैं।

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नोएडा में पांच से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। नोएडा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक अभियंता किशन सिंह के अनुसार, इस अवधि में खुले में निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य बंद रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।

इस प्रतिबंध के दायरे में सड़क, राजमार्ग, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, विद्युत पारेषण, पाइपलाइन और दूरसंचार से जुड़ी परियोजनाएं भी आएंगी। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, बस टर्मिनल, अस्पताल, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को छूट दी गई है।

ग्रेप-2 लागू होने के बावजूद कई स्थानों पर निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती बनी हुई है। दिवाली नजदीक होने के कारण आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

 

300×600 ADS-2

Leave A Reply

Your email address will not be published.