कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तरकाशी में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना और जिले को उभरते स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना है। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय उद्यमियों को उत्तराखंड स्टार्टअप पॉलिसी-2023 के प्रावधानों, उपलब्ध सुविधाओं और अनुदान संबंधी जानकारी दी गई।
स्टार्टअप हंट प्रतियोगिता में आठ टीमों ने अपने विचार निर्णायक समिति के सामने प्रस्तुत किए। इनमें पहाड़ सुरक्षा, गौमुख डेयरी, हिमालय कार्बन लैब, गंगा मित्र, पहाड़ी इनोवेटर्स (पहाड़ी साथी), हरित सर्जन, इको सेंस और माटी शिल्प जैसे स्टार्टअप आइडिया शामिल रहे। इन विचारों में स्थानीय जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण और पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान पर जोर दिया गया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रभारी जीएम डीआईसी वैभव कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी विनायक श्रीवास्तव और जिला ग्रामोद्योग अधिकारी स्वर्ण लता की निर्णायक समिति ने किया। टीमों के प्रस्तुतीकरण और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
प्रतियोगिता में राजकीय संस्थान बौन की हिमालय कार्बन लैब टीम ने पहला स्थान हासिल किया। टीम को 11,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। माटी शिल्प टीम को प्रथम रनर-अप के रूप में 5,000 रुपये, जबकि राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान बौन की पहाड़ी इनोवेटर्स (पहाड़ी साथी) टीम को द्वितीय रनर-अप के लिए 2,100 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि युवाओं के पास नए विचारों के साथ स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक रूप देने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में पीजी कॉलेज उत्तरकाशी के प्राचार्य पंकज पंत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
