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पाबौ को 16.18 करोड़ की सौगात, 7 किमी सड़क समेत कई विकास कार्यों का शिलान्यास

पौड़ी/देहरादून। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के पाबौ विकासखंड में विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने सैंजी, बुरांसी, जगतेश्वर और नौठा क्षेत्र में 16 करोड़ 18 लाख 10 हजार रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण, मार्गों का सुधारीकरण, विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष और पौराणिक मंदिरों के स्थल विकास सहित कई कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार सुविधाएं विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा देने के लिए नौठा-बुरांसी-कुल्याणी मोटर मार्ग के निर्माण का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया। करीब सात किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 9 करोड़ 36 लाख 96 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सैंजी-कुरगड़खाल से ग्वालखड़ा मोटर मार्ग के निर्माण का भी शिलान्यास किया गया, जिस पर 96 लाख 13 हजार रुपये की लागत आएगी।

शिक्षा क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज जगतेश्वर में 23 लाख 80 हजार रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। वहीं, बुरांसी मुख्य मार्ग से विद्यालय तक 8 लाख 21 हजार रुपये की लागत से बनी इंटरलॉकिंग टाइल्स का लोकार्पण किया गया। विद्यालय पहुंचने पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मंत्री का स्वागत किया।

क्षेत्र में आवागमन बेहतर बनाने के लिए सैंजी-चौलसैंण, राजकीय इंटर कॉलेज तथा चपलौड़ी-फलदाड़ी सड़क से जुड़े सुधारीकरण और इंटरलॉकिंग टाइल्स के कार्यों पर कुल 5.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई।

क्षेत्र की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए बुरांसी गांव के पातुल्या पौराणिक मंदिर और प्राचीन बिंदेश्वर मंदिर के स्थल विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। बिंदेश्वर मंदिर के कार्य पर तीन लाख रुपये खर्च होंगे।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान फलद्वाड़ी, सैंजी, बुरांसी, बड़ैथ और पैलार के महिला मंगल दलों को सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई। इन पहलों से ग्रामीण विकास के साथ स्थानीय लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

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