सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्य शैक्षिक (अध्यापन संवर्ग) के इन 32 अधिकारियों को राजकीय बालक एवं बालिका इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले से प्रदेश के विद्यालयों में लंबे समय से खाली चल रहे प्रधानाचार्य के पदों को भरने में मदद मिलेगी।
जारी आदेश के तहत देहरादून जिले के विभिन्न इंटर कॉलेजों में 12 पदोन्नत प्रधानाचार्यों को तैनाती दी गई है। वहीं, हरिद्वार जिले में पांच, नैनीताल में चार तथा उत्तरकाशी, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में तीन-तीन प्रधानाचार्यों की तैनाती की गई है। इसके अलावा टिहरी और चमोली जिले में एक-एक प्रधानाचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन ने सभी पदोन्नत प्रधानाचार्यों को अपने नए तैनाती स्थल पर 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। कार्यभार संभालने के बाद इसकी अनुपालन आख्या शासन को भेजनी होगी।
राजकीय इंटर कॉलेजों में स्थायी प्रधानाचार्यों की तैनाती से विद्यालयों की प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार आने की उम्मीद है। प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से शिक्षकों के कार्यों के बेहतर समन्वय, अनुशासन बनाए रखने और विद्यालयों के सुचारु संचालन में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक वातावरण को मिल सकता है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में 32 प्रधानाध्यापकों को पदोन्नत कर प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई तैनाती से विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।
लंबे समय से प्रतीक्षित इस पदोन्नति प्रक्रिया के पूरा होने से विभागीय अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई तैनाती के बाद संबंधित विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था कितनी प्रभावी होती है।
