कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में शारीरिक स्वास्थ्य, अनुशासन, सहयोग और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने के साथ स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसके साथ ही विद्यार्थियों की बौद्धिक और सृजनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में दो प्रमुख खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बालिका वर्ग की खो-खो प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। वहीं, क्रिकेट प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र और प्राध्यापक-कर्मचारी वर्ग की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। दोनों प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया। प्रतियोगिताओं के समापन पर खो-खो की विजेता टीम तथा क्रिकेट की विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय सिंह पंवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि डॉ. भान सिंह नेगी और महाविद्यालय के प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए खेलकूद, साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के साथ नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। वहीं, साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों की वैचारिक क्षमता, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता को निखारती हैं।
महाविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
