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राज्यपाल गुरमीत सिंह के पांच साल का सफर किताब में दर्ज, सेवा से नवाचार तक की कहानी

 देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को लोक भवन में ‘सेवा, समर्पण और नवाचार के पांच वर्ष’ शीर्षक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। लोक भवन सूचना परिसर की ओर से तैयार इस पुस्तक में राज्यपाल के पांच वर्षों के कार्यकाल, प्रमुख पहलों और उपलब्धियों को चित्रों एवं विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

राज्यपाल ने 15 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के संवैधानिक प्रमुख के रूप में पांच वर्ष पूरे किए हैं। पुस्तक में उनके प्रेरणादायक विचारों, विभिन्न मिशनों और जनहित से जुड़ी गतिविधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आधुनिक तकनीक, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, युवाओं तथा सामाजिक सरोकारों से संबंधित पहलों को स्थान दिया गया है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक केवल पांच वर्षों की गतिविधियों और उपलब्धियों का संकलन नहीं है, बल्कि सेवा के प्रति प्रतिबद्धता, नए विचारों और जनकल्याण के लिए किए गए प्रयासों का दस्तावेज भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसमें शामिल पहलें प्रदेश में नवाचार, जनभागीदारी और विकास को आगे बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगी।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पांच वर्षों का सफर उनके लिए सेवा, सीखने और प्रदेश के लोगों से जुड़ने की प्रेरणादायक यात्रा रहा है। देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखंड की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहा है कि लोक भवन जनभावनाओं से जुड़कर जनकल्याण, नवाचार और विकास के नए विचारों को आगे बढ़ाने का केंद्र बने।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने लोक भवन में हाल ही में आयोजित सूचना का अधिकार विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता और लोकतांत्रिक विषयों के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष बलजीत सोनी, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय सहित लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

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