नई दिल्ली। प्रधानमंत्री को भेंट किए गए स्मृति चिह्नों की आठवें संस्करण की ई-नीलामी में उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ी 27 वस्तुओं को शामिल किया गया है। इनमें केदारनाथ धाम और ओंकारेश्वर मंदिर के मॉडल से लेकर पारंपरिक पहाड़ी टोपियां और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन के हस्ताक्षर वाला रैकेट तक शामिल है। इन स्मृति चिह्नों की नीलामी से प्राप्त पूरी धनराशि नमामि गंगे कार्यक्रम को समर्पित की जाएगी।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, नीलामी में शामिल वस्तुएं उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती हैं। संग्रह में फ्रेमयुक्त कलाकृतियां, फोटो प्रिंट, मंदिरों के मॉडल और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं शामिल हैं।
केदारनाथ से मुखबा तक के मंदिरों की झलक
उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों को दर्शाने वाले चार मंदिर मॉडल इस संग्रह का विशेष हिस्सा हैं। इनमें श्री केदारनाथ धाम के दो मॉडल, उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर का एक मॉडल और मुखबा स्थित मां गंगा मंदिर का नक्काशीदार लकड़ी का मॉडल शामिल है।
इसके अलावा, एक दुर्लभ फोटो प्रिंट में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारों धामों को एक साथ दर्शाया गया है। हरिद्वार की मनसा देवी की तस्वीर, आदि कैलाश का विहंगम दृश्य, महासू देवता मंदिर का चित्र और कार्तिक स्वामी मंदिर का एलईडी लाइट युक्त कांच का स्मृति चिह्न भी आकर्षण का केंद्र हैं। नारायण आश्रम और कुमाऊं हिमालय से जुड़ा प्रिंट प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य को सामने लाता है।
लोक कला और खेल प्रतिभा को भी जगह
उत्तराखंड की पारंपरिक लोक कला ऐपन की झलक दीवार घड़ी और मां दुर्गा की कलाकृति में दिखाई देती है। वहीं, सात पारंपरिक पहाड़ी टोपियां प्रदेश की लोक संस्कृति और क्षेत्रीय वेशभूषा का प्रतिनिधित्व करती हैं।
इस संग्रह में खेल जगत की उपलब्धि को भी स्थान दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन के हस्ताक्षर वाला रैकेट उत्तराखंड की खेल प्रतिभा को दर्शाता है।
31 अक्टूबर तक लगा सकते हैं बोली
ई-नीलामी का आठवां संस्करण जारी है। इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है। इच्छुक नागरिक और बोलीदाता आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं। नीलामी से मिलने वाली पूरी राशि नमामि गंगे कार्यक्रम में जाएगी, जिसका उद्देश्य गंगा नदी का संरक्षण और पुनरुद्धार करना है।
