नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के अगले ही दिन मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुलिस सुरक्षा को चकमा देते हुए लोहे के गेट और बैरिकेड पार किए। इसके बाद उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और बाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
सीजेपी कार्यकर्ताओं का यह कदम ऐसे समय आया है, जब आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट अदालत से जमानत मिली थी। जमानत की शर्तों के अनुसार, उन्हें एक साल तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखना है। इसके लिए 50 हजार रुपये का जमानती बॉन्ड भी भरवाया गया था।
सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर किया दावा
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का वीडियो साझा किया। इसमें कुछ लोग झंडे लेकर गेट पर चढ़ते और बैरिकेड पार करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी बाद में उन्हें अपने साथ ले जाते नजर आते हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
आशुतोष रांका ने तिरंगे के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे केवल जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश नहीं कर रहे, बल्कि वहां पहुंच चुके हैं। वहीं, सौरव दास ने वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंच गए हैं और पुलिस उन्हें हिरासत में ले रही है। उन्होंने युवाओं को भी संदेश दिया और अपनी पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।
प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान तय
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की जानकारी दी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिश पर धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं।
सेंट्रल दिल्ली के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित जंतर-मंतर दशकों से विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल के दिनों में यहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में इंडी गठबंधन और सीजेपी ने प्रदर्शन किए थे। इसी बीच जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला सामने आया।
