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उत्तराखंड चुनाव 2027 की तैयारी तेज, निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

 देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 की तैयारियों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग की दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक मंगलवार को संपन्न हो गई। देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश में चुनाव की तैयारियों, ईवीएम प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में दोनों मंडलों के आयुक्त, पुलिस अधिकारी, सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 21 प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया।

आयोग के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, महानिदेशक मीडिया आशीष गोयल, महानिदेशक आईटी सीमा खन्ना और मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

बैठक के पहले दिन जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिला ईवीएम नोडल अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की प्रथम स्तरीय जांच (ईवीएम-एफएलसी) को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें आयोग के अधिकारियों ने ईवीएम की जांच और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंगलवार को दूसरे दिन सभी जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों में चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और चुनाव के दौरान बलों की तैनाती की योजना की जानकारी दी।

बैठक में अर्द्धसैनिक बलों, आबकारी, जीएसटी, परिवहन, वन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और कस्टम सहित 21 एजेंसियों ने भी चुनाव तैयारियों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक की तैयारियों पर संतोष जताते हुए सभी अधिकारियों को निर्धारित इलेक्शन प्लानर के अनुसार समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव एसबी जोशी और बीके पाठक, कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, पुलिस एवं निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।

आयोग की इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक समन्वय मजबूत करना और निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियों को समय पर पूरा करना रहा।

 

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