मंगलवार को डॉ. धन सिंह रावत, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात और सैकड़ों ग्रामीण पदयात्रा कर ताराकुंड पहुंचे। यहां उन्होंने मां तारा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आचार्य डॉ. शिव चरण नौडियाल ने विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई।
इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित खुली चर्चा में ग्रामीणों ने ताराकुंड के विकास को लेकर अपने सुझाव और मांगें रखीं। उन्होंने क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर बनाने, झील का सौंदर्यीकरण करने, विश्राम गृह और ध्यान केंद्र बनाने के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। ग्रामीणों का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं के विकास से यहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र को नई पहचान मिल सकेगी।
कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि ताराकुंड को पर्यटन एवं तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा के दौरान क्षेत्र के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पौराणिक मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण तथा विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रस्तावित तीर्थाटन सर्किट में बुंखाल मंदिर, पैठाणी स्थित राहु मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, देवलगढ़ का राजराजेश्वरी देवी मंदिर, कमलेश्वर महादेव मंदिर और मां धारी देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
ताराकुंड के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय क्षेत्र की पहचान मजबूत होने और ग्रामीणों के लिए पर्यटन आधारित गतिविधियों के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
