रानीखेत। कैंची धाम में लगातार लग रहे भीषण जाम ने अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ रानीखेत, अल्मोड़ा और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों की आवाजाही को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। घंटों जाम में फंसने से मरीजों, एंबुलेंस, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
रविवार को नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में करन माहरा ने कहा कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था को लेकर सरकार ने समय रहते ठोस तैयारी नहीं की। उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कैंची धाम का जाम केवल स्थानीय समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर रानीखेत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर तक दिखाई दे रहा है।
माहरा ने कहा कि जाम का सबसे गंभीर असर आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है। एंबुलेंस के घंटों जाम में फंसने से मरीजों की जान तक खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने सरकार से तत्काल वैकल्पिक मार्ग विकसित करने, बाईपास निर्माण, पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था, अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती और स्थायी यातायात प्रबंधन योजना लागू करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो कांग्रेस स्थानीय जनता और होटल एसोसिएशन को साथ लेकर आंदोलन तेज करेगी। माहरा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस जनसहयोग से राशि जुटाकर सरकार को देने को भी तैयार है। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस कार्यकर्ता मशीनें लेकर बाईपास निर्माण शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रशासन द्वारा काम रोके जाने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
माहरा ने कहा कि कैंची धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन का भी महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए सरकार को श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ स्थानीय लोगों और आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखने के लिए दीर्घकालिक यातायात योजना तैयार करनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण रावत समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
