
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए उत्तराखंड से आर्य के नाम पर मुहर लगाई। इसके साथ ही लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे आर्य के राज्यसभा पहुंचने की राजनीतिक चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।
नैनीताल-हल्द्वानी क्षेत्र से आने वाले दिनेश आर्य भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने पार्टी में विभिन्न संगठनात्मक दायित्व संभाले हैं। नैनीताल क्षेत्र की राजनीति में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वह भाजपा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और विधानसभा चुनावों में पार्टी के संभावित दावेदारों में भी उनका नाम सामने आता रहा है।
दिनेश आर्य का जन्म 2 फरवरी 1968 को हुआ था। नैनीताल जिले से ताल्लुक रखने वाले आर्य ने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से शिक्षा प्राप्त की है। संगठन में सक्रियता के साथ उन्हें राज्य सरकार में भी जिम्मेदारी मिल चुकी है। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद पर उन्हें दर्जा राज्यमंत्री दिया गया था।

अब भाजपा द्वारा राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके उच्च सदन में पहुंचने की संभावनाएं मजबूत हो गई हैं। उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। वर्तमान राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।
राज्य विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण पार्टी के उम्मीदवार की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि राज्यसभा चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया और परिणाम निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
दिनेश आर्य को टिकट दिए जाने को भाजपा के संगठनात्मक अनुभव और कुमाऊं क्षेत्र में उनकी सक्रियता से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अब उनकी नजर राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका निभाने पर होगी।
