आइची-नागोया। भारतीय कंपाउंड तीरंदाज चिकिता तनीपार्थी को एशियाई खेल 2026 की महिला व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इंडोनेशिया की नुरिसा दियान अशरीफा ने चिकिता को 144-143 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस हार के साथ महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में चिकिता का अभियान समाप्त हो गया।
चिकिता ने मुकाबले में मजबूत शुरुआत की और लंबे समय तक सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहीं। हालांकि, अंतिम चरण में उनका एक आठ अंक का स्कोर निर्णायक साबित हुआ। दूसरी ओर, नुरिसा ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा और 144 अंक जुटाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
चिकिता के लिए यह मुकाबला इसलिए भी अहम था क्योंकि वह पिछले एशियाई खेलों की चैंपियन ज्योति सुरेखा वेन्नम की उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए महिला व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल करने की कोशिश में थीं। लेकिन क्वार्टर फाइनल में हार के बाद इस स्पर्धा में भारत की पदक उम्मीद समाप्त हो गई।
हालांकि, चिकिता के लिए एशियाई खेलों का यह अभियान अब तक शानदार रहा है। बुधवार को उन्होंने भारतीय कंपाउंड टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई और दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा के साथ-साथ कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता।
मिश्रित टीम स्पर्धा में चिकिता ने साहिल जाधव के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी हासिल किया। इसके अलावा महिला कंपाउंड टीम के स्वर्ण ने भी भारत के पदक अभियान में अहम योगदान दिया।
व्यक्तिगत स्पर्धा में एक अंक से मिली हार के बावजूद चिकिता ने टीम स्पर्धाओं में अपने प्रदर्शन से एशियाई खेलों में भारत की कंपाउंड तीरंदाजी को मजबूत आधार दिया है। अब उनका ध्यान टीम स्पर्धाओं में हासिल उपलब्धियों के बाद आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर रहेगा।