उत्तराखंड के पांच जिलों में बारिश के आसार, मैदानी इलाकों में कुहरे का अनुमान

देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार को मौसम सामान्यतः साफ रहा, हालांकि पांच पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या गर्जन के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है।

राजधानी देहरादून में सुबह से धूप खिली रही। आसमान में हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल दिखाई दिए। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून में मौसम साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं छिछले से मध्यम कुहरे की स्थिति भी बनने का अनुमान है। एक अक्टूबर से राज्य में मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है।

नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे

केंद्रीय जल आयोग के हिमालयी गंगा मंडल की दैनिक जलस्तर एवं बाढ़ पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे तक उत्तराखंड की प्रमुख नदियों का जलस्तर सभी निगरानी स्थलों पर खतरे के निशान से नीचे रहा। अधिकांश नदियों में जलस्तर घटने का रुझान दर्ज किया गया, जबकि कर्णप्रयाग में पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ दर्ज हुआ।

ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 338.14 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 1.36 मीटर नीचे है। हरिद्वार में गंगा 290.97 मीटर पर रही और दोनों स्थानों पर जलस्तर घटने का रुझान दर्ज किया गया। उत्तरकाशी में भागीरथी का जलस्तर 1118.68 मीटर रहा, जो खतरे के स्तर से 4.32 मीटर नीचे है।

अलकनंदा का जलस्तर बदरीनाथ में 3110.75, जोशीमठ में 1373.72, रुद्रप्रयाग में 623.84 और श्रीनगर में 532.50 मीटर दर्ज किया गया। वहीं पिंडर का जलस्तर कर्णप्रयाग में 768.60 मीटर रहा।

रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में अधिकांश निगरानी स्थलों पर बारिश शून्य दर्ज की गई। हरिद्वार भीमगोड़ा से 69,319 क्यूसेक और वीरभद्र बैराज ऋषिकेश से 51,594.77 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया।

 

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