नई दिल्ली, 30 सितंबर। दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) जारी कर दिया है। नया GRAP तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसके तहत हवा की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के उपाय भी चरणबद्ध तरीके से सख्त होते जाएंगे।
संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य प्रदूषण गंभीर स्तर तक पहुंचने के बाद अचानक कार्रवाई करने के बजाय AQI के अलग-अलग स्तर पर पहले से निर्धारित कदम उठाना है। इसके लिए चार चरण तय किए गए हैं।
AQI 201 से 300: इसे ‘खराब’ श्रेणी माना गया है। इस चरण में प्रदूषण नियंत्रण के लिए शुरुआती स्तर के उपाय लागू होंगे।
AQI 301 से 400: हवा ‘बहुत खराब’ होने पर दूसरे चरण की पाबंदियां लागू होंगी। इसमें वाहनों, धूल और निर्माण गतिविधियों से जुड़े प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
AQI 401 से 450: इस स्तर पर हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाती है। इसके साथ निर्माण कार्यों और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
AQI 450 से ऊपर: इसे ‘गंभीर प्लस’ स्थिति माना गया है। इस चरण में दिल्ली-NCR में सबसे सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू किए जाएंगे।
48 एक्शन पॉइंट तय
CAQM के संशोधित GRAP में कुल 48 एक्शन पॉइंट शामिल किए गए हैं। इनमें पहले चरण में 25, दूसरे में आठ, तीसरे में 10 और चौथे चरण में पांच तरह की कार्रवाइयां निर्धारित हैं। प्रत्येक चरण के साथ नागरिकों के लिए Citizen Charter भी जारी किया गया है। इसमें प्रदूषण के अलग-अलग स्तर पर लोगों से अपेक्षित सावधानियों की जानकारी दी गई है।
पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रावधान
प्रदूषण बढ़ने पर निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए गंभीर चरणों में पंजीकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क बढ़ाया जा सकता है। इसका उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई
प्रदूषण गंभीर होने पर दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड में पढ़ाई का विकल्प लागू किया जा सकता है।