आइची-नागोया। एशियन खेल 2026 में भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और तनीपर्थी चिकिता की तिकड़ी ने बुधवार को फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर खिताब जीता। इसके साथ ही भारत ने खेलों में अपना सातवां स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले चरण में भारत 60-58 से आगे रहा, जबकि दूसरे चरण के बाद स्कोर 119-116 और तीसरे चरण के बाद 178-175 रहा। अंतिम चरण में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार सटीकता दिखाई। चिकिता, पृथिका और ज्योति ने लगातार 10-10 अंक हासिल कर चीन पर दबाव बनाए रखा। चीन ने भी अंतिम दौर में तीन 10 अंक लगाए, लेकिन भारतीय टीम की बढ़त को पार नहीं कर सका।
इस जीत के साथ भारत ने महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में अपना खिताब बरकरार रखा। भारतीय टीम ने इस प्रदर्शन के जरिए दक्षिण कोरिया के 2014 इंचियोन एशियन खेलों में बनाए विश्व रिकॉर्ड की भी बराबरी की। इससे पहले भारत ने इस स्पर्धा में 2014 में कांस्य और 2018 में रजत पदक जीता था।
ज्योति का अनुभव बना ताकत
टीम की अनुभवी तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम 2011 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने 2023 एशियन गेम्स में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीते थे। इसके अलावा विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप में भी वह कई पदक जीत चुकी हैं। शानदार उपलब्धियों के लिए उन्हें 2017 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
चिकिता और पृथिका ने भी छोड़ी छाप
तनीपर्थी चिकिता ने 2025 विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप में अंडर-21 व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण जीतकर अपनी पहचान बनाई। वहीं, पृथिका प्रदीप ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद सात अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। दोनों युवा तीरंदाजों के दमदार प्रदर्शन ने भारतीय टीम की जीत को और खास बना दिया।