देहरादून, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हरियाणा भ्रमण पर जाने वाले उत्तराखंड के युवाओं से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय भ्रमण युवाओं के लिए देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, जीवनशैली, विकास कार्यों और नई पहल को करीब से समझने का अवसर है। ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं के अनुभव का दायरा बढ़ता है और उन्हें दूसरे राज्यों की अच्छी कार्यप्रणालियों से सीखने का मौका मिलता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे हरियाणा प्रवास के दौरान वहां की संस्कृति, स्थानीय विशेषताओं और विकास से जुड़ी योजनाओं को समझने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में किए जा रहे उपयोगी कार्यों और नवाचारों से मिले अनुभवों को उत्तराखंड के संदर्भ में भी साझा किया जाना चाहिए।
धामी ने बताया कि इसी तरह दूसरे राज्यों के युवाओं को भी उत्तराखंड आने के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके माध्यम से वे राज्य की संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से परिचित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान की भावना भी युवाओं को सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की है।
उन्होंने हरियाणा जाने वाले युवाओं से वहां के गौरवशाली इतिहास, खान-पान, खेल परंपरा, कृषि और स्थानीय जीवनशैली को करीब से देखने की अपील की। साथ ही स्थानीय युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे लोगों से संवाद कर उनके अनुभव जानने को कहा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को उत्तराखंड के प्रतिनिधि के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि युवा हरियाणा में देवभूमि की संस्कृति, लोकपर्व, खान-पान, पर्यटन स्थलों, होम-स्टे, स्थानीय उत्पादों, मिलेट्स और हस्तशिल्प की जानकारी साझा करें।
उन्होंने कहा कि चारधाम के अलावा आदि कैलाश, जागेश्वर, कैंची धाम, शीतकालीन और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से भी लोगों को अवगत कराया जाना चाहिए। महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों की जानकारी दूसरे राज्यों तक पहुंचाने में भी युवा अहम भूमिका निभा सकते हैं। धामी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल भ्रमण नहीं, बल्कि संस्कृति, विचार और अनुभवों के आदान-प्रदान का माध्यम बनने चाहिए।