हल्द्वानी, 29 सितंबर। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ी हैं। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने ग्रामीणों की इस मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार मामले को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है और जल्द सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।
अजय भट्ट ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल से दूरभाष पर बातचीत की है। उनके अनुसार, वन मंत्री ने भी मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है। भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय को कैबिनेट के समक्ष लाने और इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
सांसद ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने का मुद्दा वह पहले लोकसभा में भी उठा चुके हैं। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से की जा रही मालिकाना हक और भूमि संबंधी अधिकारों की मांग को जायज बताया। उनके अनुसार, सरकार जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले के समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।
भट्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिंदुखत्ता से जुड़े मामले के परीक्षण के लिए दो समितियां गठित की हैं। इनमें एक समिति की अध्यक्षता वन मंत्री कर रहे हैं, जबकि दूसरी समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई है। दोनों समितियां मामले के विभिन्न पहलुओं का परीक्षण कर रही हैं।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग लंबे समय से क्षेत्र में उठती रही है। हाल में 27 सितंबर को भी भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस मांग को लेकर रैली और सभा की थी। ग्रामीणों की ओर से राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
अजय भट्ट ने कहा कि सरकार ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस मामले में ठोस निर्णय सामने आएगा।