बीजापुर, 21 सितंबर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के उतला गांव के जंगल में सोमवार को जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया नक्सलियों का हथियार डंप बरामद किया गया। संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने संदिग्ध स्थान की पहचान कर सावधानीपूर्वक खुदाई की, जिसके बाद हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने बरामदगी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ और पुनर्वास नीति के तहत चलाए जा रहे सामाजिक कार्यक्रमों से पुलिस को महत्वपूर्ण सूचनाएं मिल रही हैं। इसी क्रम में सुरक्षाबलों को यह सफलता मिली।
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल) अमन झा के नेतृत्व में भैरमगढ़ थाने से पुलिस बल और डीआरजी की संयुक्त टीम को उतला गांव के जंगल में सर्चिंग के लिए भेजा गया था। अभियान के दौरान जवानों को जंगल में एक स्थान संदिग्ध लगा। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए टीम ने वहां खुदाई की। जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए डंप से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में एक एके-47 रायफल, एक .315 बोर रायफल, एक शॉट रायफल और एक 9 एमएम पिस्टल शामिल है। इसके अलावा दो एके-47 मैगजीन, 45 एके-47 जिंदा राउंड, 25 जिंदा 9 एमएम राउंड और .315 बोर रायफल के छह जिंदा राउंड भी मिले हैं। मौके से अन्य नक्सली सामग्री भी बरामद की गई।
सुरक्षाबलों ने बरामद हथियारों और अन्य सामग्री को बेहद सतर्कता के साथ सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। इसके बाद पूरे जखीरे को भैरमगढ़ थाने लाया गया। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुरक्षाबलों का सर्चिंग अभियान क्षेत्र में लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों और अन्य नक्सली सामग्री की तलाश के लिए अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।