नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी है। पीएम-सेतु योजना के तहत स्वीकृत इस परियोजना से सात सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण किया जाएगा। परियोजना में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड उद्योग भागीदार के तौर पर हरियाणा सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय संचालन समिति ने निवेश योजना को मंजूरी दी है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए स्वीकृति के बाद पीएम-सेतु योजना के तहत अब तक मंजूर कुल निवेश 2,491 करोड़ रुपये हो गया है। यह राशि देश के 10 आईटीआई क्लस्टरों में खर्च की जाएगी।
योजना के तहत राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र को हब संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ राजकीय महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, राजकीय आईटीआई कैथल, राजकीय महिला आईटीआई कैथल, राजकीय आईटीआई पिहोवा, राजकीय आईटीआई पबनावा और राजकीय महिला आईटीआई अंबाला सिटी को स्पोक संस्थानों के तौर पर विकसित किया जाएगा।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने से युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम तैयार होने से युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा तथा उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
मंत्रालय के मुताबिक 320 करोड़ रुपये के निवेश से आईटीआई के प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत किया जाएगा। आधुनिक प्रयोगशालाएं और अन्य सुविधाएं विकसित करने के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे प्रशिक्षुओं को बदलती तकनीक और रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।
जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड पहले से ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से जुड़ा है। वहां 240 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी गई है।
पीएम-सेतु योजना का कुल आकार 60,000 करोड़ रुपये है। इसके तहत देशभर में 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाना है। इनमें 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं।