देहरादून। प्रदेश के राजकीय और निजी विद्यालयों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के अंतर्गत भाषण, चित्रकला, निबंध, रंगोली और युवा संवाद समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को कार्यक्रमों का प्रभावी ढंग से आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं।
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय स्थित विद्या समीक्षा केंद्र में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. रावत ने कहा कि अभियान को प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को सभी विद्यालयों में भाषण प्रतियोगिता और 28 सितंबर को चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी। चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थी ‘विकसित भारत’ की अपनी कल्पना को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आगे जनपद और राज्य स्तर पर प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र के साथ नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। बालिका इंटर कॉलेजों में रंगोली प्रतियोगिता और प्रत्येक ब्लॉक अथवा विधानसभा क्षेत्र में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन जनपदों को भी अलग से पुरस्कृत किया जाएगा।
डॉ. रावत ने बताया कि 7 अक्टूबर को प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों और छात्रावासों में ‘गढ़भोज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को पहाड़ी और स्थानीय पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके पीछे विद्यार्थियों को उत्तराखंड की खान-पान परंपरा, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों से जोड़ना उद्देश्य है।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने नवीन उच्चीकृत विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू कराने और विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण संबंधी आगणन जल्द शासन को भेजने को कहा गया। वहीं, समग्र शिक्षा के तहत विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, जूते और बैग के लिए मिलने वाली राशि डीबीटी के जरिए खातों में शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए। छात्रों के भारत दर्शन और राज्य दर्शन कार्यक्रम के लिए भी समय रहते तैयारी करने को कहा गया।
बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि विभिन्न जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।