देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी परिस्थितियों को अपनी सीमा नहीं बनने देना चाहिए। बड़े सपने देखकर उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग की पहाड़ियों से निकलने वाला कोई भी विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच सकता है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने यह बात लोक भवन में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान कही। ये विद्यार्थी विधायक विनोद कंडारी के प्रयासों से भारत दर्शन शैक्षिक यात्रा पर जा रहे हैं। यात्रा के दौरान छात्र ऋषिकेश, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और रुड़की का भ्रमण करेंगे।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत दर्शन यात्रा को केवल पर्यटन के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह देश की विविधता, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से यात्रा के दौरान जिज्ञासा के साथ नई चीजों को देखने और उनके बारे में जानने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि किताबों में पढ़ी गई जानकारी को जब विद्यार्थी स्वयं देखकर और अनुभव करके समझते हैं तो सीख अधिक प्रभावी होती है। यात्रा के दौरान मिले अनुभव विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में मदद कर सकते हैं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे लगातार निखारने के लिए प्रयास करने को कहा। उन्होंने बदलती दुनिया के साथ खुद को तैयार करने और आधुनिक तकनीक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का ज्ञान हासिल करने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार तकनीक का सही इस्तेमाल ज्ञान और अवसरों के नए रास्ते खोल सकता है।
उन्होंने छात्रों से यात्रा के अनुभवों को लिखने और वापस लौटकर अपने विद्यालय व साथियों के साथ साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धि तभी अधिक सार्थक होगी, जब उनके अनुभव और नई सोच दूसरे बच्चों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।