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उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम, पहाड़ों में भारी बारिश और बिजली का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम के इस दौर को देखते हुए संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर बारिश और गर्जन के साथ बौछार होने की संभावना है।

बीते 24 घंटे के दौरान पिथौरागढ़ के बंगापानी में सबसे अधिक 53 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा लोहर्केत में 39, लैंसडाउन में 25, पिथौरागढ़ में 23.6, काठगोदाम में 22.8, लोहाघाट में 16.6, मुक्तेश्वर में 13, चमोली में 12.4, धारचूला में 11.6 और कपकोट में 10 मिलीमीटर बारिश हुई।

देहरादून में आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब

रविवार सुबह आठ बजे तक उत्तराखंड की अधिकांश प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार धारचूला में काली नदी का जलस्तर 888.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 889 मीटर है। नदी का जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है।

अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी और गंगा के विभिन्न निगरानी स्थलों पर जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहा। ऋषिकेश में गंगा 338.70 मीटर और हरिद्वार में 291.40 मीटर पर दर्ज की गई।

हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से 81,135 क्यूसेक और ऋषिकेश के वीरभद्र बैराज से 60,246.88 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को प्रमुख निगरानी केंद्र बनाया गया है।

 

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