न्यूयॉर्क। अमेरिका में नवंबर 2026 में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा राजनीतिक दांव चलने का ऐलान किया है। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का ‘ट्रंप डिविडेंड’ दिया जाएगा। इस योजना पर करीब 1.2 से 1.35 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है।
ट्रंप के इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों और कई अर्थशास्त्रियों ने इसे चुनावी प्रलोभन के तौर पर देखा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कैसे की जाएगी। प्रशासन की ओर से इसके लिए टैरिफ से होने वाली आय का संकेत दिया गया है, लेकिन मौजूदा टैरिफ संग्रह इस स्तर के भुगतान के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद मध्यावधि चुनाव होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होता है। इन चुनावों में राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं होता, इसलिए रिपब्लिकन पार्टी की हार की स्थिति में ट्रंप तत्काल राष्ट्रपति पद से नहीं हटेंगे। हालांकि, कांग्रेस पर नियंत्रण कमजोर होने से उनके लिए कानून पारित कराना, बजट मंजूर कराना और अपनी नीतियों को लागू करना मुश्किल हो सकता है।
इस बीच ट्रंप की लोकप्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में उनकी अप्रूवल रेटिंग करीब 38 प्रतिशत बताई गई है, जबकि लगभग 60 प्रतिशत मतदाता उनके कामकाज से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। महंगाई और सरकार की नीतियों को लेकर बढ़ती नाराजगी उनके लिए चुनौती बन सकती है।
ऐसे में 5,000 डॉलर के प्रस्ताव को ट्रंप के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दांव माना जा रहा है। मध्यावधि चुनाव के नतीजे यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि आने वाले समय में अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप का प्रभाव कितना मजबूत रहेगा। हार की स्थिति में उनकी राजनीतिक राह कठिन हो सकती है, जबकि जीत उन्हें अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत आधार दे सकती है।