देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में 15 महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसलों की जानकारी दी। सबसे अहम निर्णय राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को लेकर रहा। सरकार ने इसे 17 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार रुपये करने को मंजूरी दी है।
राज्य में श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इनमें एमबीबीएस और पीजी पाठ्यक्रम चल रहे हैं। सरकार का कहना है कि दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करना जरूरी है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट और वार्षिक लेखा विवरण को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में अपर महानिरीक्षक कारागार का एक नया पद सृजित करने तथा उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई।
उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी मिली। विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली में संशोधन करते हुए संशोधित नियमावली, 2026 लागू करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-6 के 33 पद सृजित करने का फैसला लिया गया। इन पदों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन देने के लिए किया जाएगा। खेल नीति के तहत विभिन्न विभागों में कुल 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा देहरादून के पुरूकुल गांव से मसूरी लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के लिए 972 वर्ग मीटर भूमि लीज पर देने तथा हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के चिकित्सालय के समीप 15 एकड़ भूमि ईएसआई निर्माण के लिए आवंटित करने का निर्णय लिया गया।