नशे के नेटवर्क पर ED का बड़ा वार, दक्षिण भारत के 30 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़ी अवैध कमाई के खिलाफ दक्षिण भारत में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी की विभिन्न जोनल टीमों ने गुरुवार को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में एक साथ 30 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की जा रही है।

ईडी के मुताबिक, कार्रवाई आठ अलग-अलग मादक पदार्थ मामलों से जुड़ी है। जांच का मुख्य उद्देश्य ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन, बैंक खातों, संपत्तियों, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का पता लगाना है।

तमिलनाडु में कई मामलों में मेथामफेटामाइन की बड़ी बरामदगी और कथित हवाला लेनदेन सामने आए हैं। एक मामले में 1.470 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि जांच के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य रकम बरामद होने का उल्लेख है। दूसरे मामले में करीब 5.970 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ नकदी, सोना और चांदी जब्त की गई थी।

एक अन्य मामले में चेन्नई से दो किलोग्राम मेथामफेटामाइन और बाद में 54.600 किलोग्राम की बरामदगी हुई। ईडी अब इन मामलों में कथित ड्रग नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियां तलाश रही है। वहीं, एक मामले में झींगा फार्म और वाहनों में कथित मादक पदार्थों से अर्जित आय के निवेश की भी जांच हो रही है।

कर्नाटक में हशीश ऑयल और गांजे की बरामदगी से जुड़े मामले में कई बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन और संदिग्ध यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।

तेलंगाना में गांजा तस्करी और बिक्री से जुड़े मामले में नकदी, वाहन और संपत्तियों की जांच हो रही है। केरल में हाइब्रिड गांजा और एमडीएमए से जुड़े मामलों में कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, स्थानीय वितरण और हवाला लेनदेन की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान अपराध से अर्जित संपत्तियों और वित्तीय साक्ष्यों का पता लगाने पर विशेष जोर है। मामले में आगे की जांच जारी है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.