अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर चल रही प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। CEO पद के लिए गठित सर्च कमेटी ने अपनी व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार को अंतिम रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को सौंप दी। रिपोर्ट में पद के लिए तीन योग्य प्रत्याशियों के नामों का पैनल शामिल है। अब अंतिम चयन और आधिकारिक घोषणा न्यास की ओर से की जाएगी।
सर्च कमेटी के सचिव समीर पंडा ने बताया कि चयन प्रक्रिया में कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। उम्मीदवारों की योग्यता और उपयुक्तता का आकलन कई चरणों में किया गया। इसके लिए तकनीकी प्रणाली के साथ मैनुअल प्रक्रिया का भी इस्तेमाल किया गया। दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर की टीमों ने चयन प्रक्रिया में समानांतर रूप से काम किया।
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में से 16 अंतिम प्रत्याशियों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल किया गया। इन प्रत्याशियों के साथ 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में प्रत्यक्ष संवाद किया गया। इसके बाद कमेटी ने उम्मीदवारों के अनुभव, योग्यता और पद की जिम्मेदारियों के अनुरूप उनकी उपयुक्तता का विस्तृत मूल्यांकन किया।
CEO चयन के लिए गठित सर्च कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं ट्रस्टी गोविन्ददेव गिरी, महंत दिनेंद्र दास, महासचिव चंपत राय, अन्य पदाधिकारी, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और विशेष आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे।
चयन प्रक्रिया की शुरुआत 6 जुलाई को सर्च कमेटी के गठन के साथ हुई थी। 11 जुलाई को पहली बैठक में पात्रता मानदंड तय किए गए और 14 जुलाई को समीर पंडा को कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया। 18 जुलाई को आवेदन प्रक्रिया समाप्त हुई। इसके बाद 3 से 6 अगस्त तक ऑनलाइन संवाद और 11-12 अगस्त को अयोध्या में अंतिम 16 उम्मीदवारों के साथ प्रत्यक्ष संवाद हुआ।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष चतुर्थी के अवसर पर तीन नामों का पैनल न्यास को सौंपा गया है। अब इन तीनों में से CEO के लिए अंतिम नाम पर निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास करेगा।